BRICS EXPLAINED

पैसा, पावर, साख और धाक

तारीख 12-13 सितंबर. जगह दिल्ली का भारत मंडपम. मंच-BRICS शिखर सम्मेलन 2026. दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का यह मंच इस बार भारत में सजा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हाई-प्रोफाइल समिट की मेजबानी कर रहे हैं. इसका पैमाना कितना बड़ा है ये समझने के लिए बस इतना समझ लीजिए कि दिल्ली में अभी दुनिया की आधी आबादी के नुमाइंदे मौजूद हैं.

BRICS क्या है?

BRICS यानी Brazil, Russia, India, China और South Africa का संगठन. लेकिन इसमें 6 सदस्य और हैं. मकसद आर्थिक, कूटनीतिक और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग.

साल बदलता गया

BRICS का कारवां बढ़ता गया...

2001- BRIC को मिला पहला नाम

इसी साल BRIC शब्द पहली बार गोल्डमन सॅक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने दिया. इसमें ब्राजील, रूस, इंडिया और चीन की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं की बात थी.

2006- चार देशों ने साथ आना शुरू किया

2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान इन चार देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई. यहां BRIC को औपचारिक रूप दिया गया था. यहीं से चारों देशों का औपचारिक सहयोग शुरू हुआ.

2009- पहला BRIC Summit

रूस के येकातेरिनबर्ग में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं की पहली शिखर बैठक हुई. 

2010- साउथ अफ्रीका की एंट्री

2010 में न्यूयॉर्क में BRIC देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में साउथ अफ्रीका को शामिल करने का फैसला हुआ. BRIC अब BRICS बनने वाला था. 

2011- BRICS के रूप में पहला शिखर सम्मेलन

साउथ अफ्रीका पहली बार BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ. यह सम्मेलन चीन के रिजॉर्ट शहर सान्या में हुआ था. अब समूह में 5 देश थे. 


2014- BRICS ने अपना डेवलपमेंट बैंक बनाया

BRICS ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) बनाया. साथ ही कॉन्टिजेंट रिजर्व अरेंजमेंट भी बनाया गया.

2023- समूह के विस्तार का सबसे बड़ा फैसला

साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में शिखर सम्मेलन के दौरान 6 नए देशों को BRICS में शामिल होने का न्योता दिया गया.

2024, 2025- BRICS का बड़ा विस्तार

मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE जनवरी 2024 से और इंडोनेशिया जनवरी 2025 से BRICS के पूर्ण सदस्य बने.

2026- अब भारत के लीड करने की बारी

अब BRICS की अगली बड़ी कहानी भारत की अध्यक्षता और दिल्ली शिखर सम्मेलन है.

दिल्ली शिखर सम्मेलन 2026

Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability

इसे ऐसे समझिए कि विकास की ऐसी नई सोच जो सहयोग की बात करता और पर्यावरण का भी ख्याल रखता है.

BRICS की ताकत

अर्थव्यवस्था

आबादी से लेकर अर्थव्यवस्था तक,व्यापार से लेकर खनिज तक BRICS की दुनिया में धाक है. इसमें चीन और भारत जैसी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, वहीं रूस, सऊदी अरब, ईरान और UAE जैसे बड़े तेल-गैस उत्पादक देश भी.

सैन्य ताकत

BRICS के पास कोई साझा सेना या NATA जैसा समूह नहीं है लेकिन इसके सदस्यों खासकर रूस, चीन, भारत के पास बड़ी सैन्य ताकत है.

BRICS vs G7

BRICS की दुनिया की आधी आबादी, बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और संसाधनों के साथ G7 को आर्थिक और वैश्विक प्रभाव में चुनौती दे रहा है. हालांकि, G7 के पास मजबूत वित्तीय संस्थान और विकसित अर्थव्यवस्थाएं हैं, BRICS वैश्विक आर्थिक-राजनीतिक संतुलन बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

BRICS की कमजोरियां

सदस्य देशों में दूरियां बरकरार. रूस और चीन दोस्त, रूस और भारत दोस्त लेकिन चीन और भारत में अलगाव. बड़ी आबादी के साथ बड़ी जिम्मेदारियां. NATO की तरह कोई साझा सैन्य समझौता न होना. अमेरिकी डॉलर की चुनौती.

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क्रेडिट्स

डेवलपर: आशुतोष कुमार सिंह
तस्वीरें: PTI, AFP, BRICS